क्या कहते है ये फिल्मस्टार डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर के बारे मे ? - HUMAN

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Wednesday, 16 May 2018

क्या कहते है ये फिल्मस्टार डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर के बारे मे ?


महात्मा गांधी या अन्य नेता के बारे मे तो हर सिने अभिनेता आसानी से अनेको बार अपनी राय रखते है लेकीन, डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर के बारे मे गिने चुने मोके पर ही इनसे कुछ सुनने को मिलता है | जानिये इन ९  बॉलीवूड अॅक्टर / अॅक्ट्रेसेस के विचार युगपुरुष डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर के बारे मे ....

१. शबाना आझमी - ''उन्होने हमे न्याय और समानता की ऐतिहासिक परिभाषा समझायी और लोगो के सोच को एक नयी दिशा देणे का काम किया'' |

२.माधुरी दीक्षित -  ''डॉ. आंबेडकर को ग्रेटेस्ट इंडियन चुने जाने के मोके पर माधुरी दीक्षित ने कहा ''आज की जनरेशन  उन्हे सिर्फ टेक्स्ट बुक के जरीये जाणणे की कोशिश करती है, लेकीन इस देश के लिये उनके  द्वारा किये गये कार्य हमे उनकी पुनः पुनः पहचान कराते रहेंगे|''

३. अमिताभ बच्चन - ''संविधान कि निव रचकर उन्होने हमारी सुरक्षा रखी | और उनके बाद आये हुये जितने भी राजनेता है वो उस संविधान को फोलोव करते है, ये डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर कि महानता है, जीन्होने ना सिर्फ संविधान रचा बल्की उसको सुरक्षा भी प्रदान कि'' |



४. धरमेंद्र - ''डॉ. बाबासाहाब का नाम सदियो तक याद रखा जायेगा |''

५. जितेंद्र - ''बाबासाहाब के बारे मे कुछ भी बोलना मतलब सुरज को रोशनी दिखाने जैसा है | हम अपने घर मे नियम और कायदे नही बना सकते और उन्होने इतने बडे  देश का संविधान लिख डाला | आजादी जितना एक बात होती है, आजादी पाना एक बात होती है लेकीन आझादी को संभालना बहुत मुश्कील है | इन्हीके संविधान
की वजह से आज हम सभी लोग सुरक्षित महसूस करते है | छोटे बडे सभी इन्सान |''

६. सलमान खान - ''भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. आंबेडकर ने संविधान का निर्माण करके देश को ऐसा वातावरण दिया जीससे सभी धर्म और जाती के लोग एकसाथ मिलकर देश का निर्माण कर सके  |''

७. अजय देवगन - ''बाबासाहाब ने कहा था, अगर संघर्ष मे ही ये सारा जीवन गुजरना है तो गुजर जाये सारा जीवन पल पल में जालीमो से समझोता ये नही हो सकता |''

८.  रजा मुराद - ''मै नही समझता की दुनिया में और कोई इतना महान व्यक्ती पैदा हुआ है आज तक और मै उनको सिर्फ व्यक्ती ही नही कहुंगा मै उन्हे महात्मा कहुंगा | उनका दर्जा जो है वो महात्मा का है | हमारा जो संविधान है वो उसके जनक है | इतना अच्छा संविधान दुनिया के किसी और देश का नही है | जब इस देश मे भेदभाव था, जातियो के बीच, समुदायो के बीच किसी को नीच किसी को उचा समझा जाता था | किसी के हाथ से पाणी नही लिया जाता था, किसी को पास नही बिठाये दिया जाता था, उन्होने इस देश के हर इन्सान को अपने पैर पर खडा होणा सिखाया | इतना बडा उपकार है उनका हमारे इस देश के हर देश वासी पर कि अगर हम सौ जन्म भी ले तो उनका ये उपकार चुका नही सकते | विडम्बना कि बात ये है कि आज भी  कई हिस्सो मे कुछ समुदायो को, जातियो को बराबर नही समझा जाता | उनकी मूर्ती पे हार चढाने वालो की कमी नही होती लेकीन अफसोस है कि जो हार चढाते है वोही उनके लिखे गये संविधान के विपरीत जाते है | हमे हर किमत पर जो उन्होने हमे संविधान दिया है, जो बराबरी का दर्जा दिया है उसकी रक्षा करणी है | और यही कहुंगा जो भी उस संविधान का उल्लंघन करता है , वो राष्ट्र का दुश्मन है, इस देश का दुश्मन है | उनके बारे में एक शेर कहुंगा कि, '' हजारो साल नर्गिस अपनी बेनुरी पे रोती है, बडी मुश्कील से होता है चमन में दिलावर पैदा |'' उन्होने अपने जीवन में जितनी काठीनाईया सही, जितनी मुश्किले उठायी, एक कहावत है, कि ' रंग लाती है हिंना पत्थर पे पीस जाणे के बाद !' जितना वो पिसे उतना हि उनमें रंग आया | और रंग ऐसा आया कि पुरे देश को उन्होने एक ही रंग में रंग दिया |



९. आमीर खान - '' बाबासाहाब ना सिर्फ दलीतो के नेता है, वो ना सिर्फ हमारे देश के लीडर है बल्की पुरे विश्व के लीडर है | वो हमे इंसानियत सिखाते है जो कि सबसे बडी बात है | उनकी जो सीख है समानता की फिर चाहे वो दलित ना भी हो, वो किसी भी समाज का पिडीत हो , शोषित हो उन सब के लिये वो प्रेरणा थे, उम्मीद कि किरण थे | उन सब के लिये उन्होने रास्ता दिखाया | और जो भी इन्सान इंसानियत को अपना धर्म मानते है वो सारे लोग बाबासाहाब के फॉलोअर्स मुझे लगता है की है | मुझे खुद उनसे बहुत प्रेरणा मिली है | दो चीजे मुझे उनमे बहुत खास लगती  है, एक ये कि जब भी मै किसी दिक्कत में होता हु, कभी मै किसी चीज के लिये आवाज उठाता हु जो कि मुझे सही लगती है, या और भी कोई बात जहा मुझे हिम्मत दिखाने कि जरुरत पडती है, जिस परिस्थिती में मुझे डर लगता है, मै हिम्मत हारणे लगता हु तब मै बाबासाहाब के बारे मे सोचता हुं | वो एक इन्सान थे जिन्होने कभी हिम्मत नही हारी | चाहे उनके सामने कितनी भी बडी कठीनाई हो, कितना भी बडा चैलेंज हो उन्होने अपना संघर्ष हमेशा जारी रखा | वो निडर थे और  उनकी ये  खास क्वालिटी है जिससे मुझे प्रेरणा मिलती है | दुसरी जो क्वालिटी जो मुझे उनकी बहुत पसंद रही है वो है जो उनके दिल में जो प्यार था, प्रेम था | अपने लिये तो हम सब सोचते है, अपने परिवार के लिये सब सोचते है लेकीन बहुत ही कम ऐसे इन्सान होते है जो औरो के बारे मे सोचते है | जो सब के लिये सोच सकते है ऐसे इन्सान के मन में कितनी संवेदनशीलता, प्यार होगा उसके दिल में की वो इंसानियत के लिये सोच सकता है| इन दो चीजो से मुझे हमेशा ही उनसे प्रेरणा मिली है | मैने हमेशा ये कोशिश कि है की जो संविधान उन्होने लिखा है उसपर चलू,और उनके मन में जो सपना था समाज के लिये उसे पुरा करणा है, और समाज में ऐसे कई लोग है जो इसे पुरा करणे के लिये प्रयास कर रहे है यकिनन वो आज हमे देखकर खुश हो रहे होंगे | लेकीन हम चाहते है कि वो सपना उनका पुरा हो और वो होगा जरूर तो हमे उनके दिखाये रास्ते पर चलना है | जो चीजे उन्होने हमे सिखायी है उसे हमे अपने जीवन का एक हिस्सा बनाना है | यकिनन वो एक महापुरुष है | मै अपने समाज के जो युथ है उनसे विनती करणा चाहुंगा कि जो बाबासाहाब कि लिखी हुई किताबे है वो हम पढे उससे हमे सिख मिले और जो राह उन्होने हमे दिखाई है उसपर चले | जय भीम |''