जाणिये श्रीलंका के सिगीरीया किले के बारे में : एक अद्भुत,ऐतिहासिक प्रेक्षणीय बुद्धिस्ट स्थल - HUMAN

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Wednesday, 31 October 2018

जाणिये श्रीलंका के सिगीरीया किले के बारे में : एक अद्भुत,ऐतिहासिक प्रेक्षणीय बुद्धिस्ट स्थल




सिगीरीया या सिंहगिरी यह प्राचीन प्रांत श्रीलंका के दम्बुला शहर के निकटवर्ती उत्तरी मटाले जिले में स्थित एक प्राचीन पत्थर का किला है | सिगीरीया आज जागतिक वारसा स्थल में शामिल है | यह प्राचीन दुर्ग नागरी नियोजन का सर्वोत्तम उदाहरण है |

स्थान 


दम्बुला और हबरारना इस शहर के समुद्र किनार पट्टीसे ३७० मीटर दुरी से स्थित बडे पत्थरी सतह पर यह बेट है | सिगीरीया पत्थरी द्वीप ये विलुप्त ज्वालामुखी के विस्फोट से निर्माण हुआ है| प्रकृति और मानवी कल्पना इसका अनोखा संगम होने की वजह से इसका छंद और अच्छेसे समज जिन अभ्यासकों को हैं उनके लिए ये नजारा किसी अजूबे से कम नही है। किले के परिसर में फैले पुराने रजवाड़ो के अवशेष, सुरक्षा दिवार, बड़े बागीचे, तालाब, सरोवर, फव्वारे इनका एक बड़ा नेटवर्क यहाँ हैं।

सिरिगिया का आसपास का परिसर हजारो सालो तक निरुपयोगी रहा। इसा पूर्व 3 री शताब्दी से सिरिगिया के पत्थरी पठार पर बौद्ध मठ थे। इसा 5 वी शताब्दी के उत्तरार्ध में शाही बंधु राजा कश्यप और मगगल्लाना इन्होंने यहाँ एक राजकीय निवासस्थान बनाया। उनके मृत्यु पश्चात 14 वी शताब्दी तक फिर से सिरिगिया बौद्ध मठ बना।

यह एक विशाल पत्थर सिंह के रूप में स्थापित किया गया था, जिसके पैर अभी तक हैं लेकिन शरीर के बाकी हिस्से नष्ट हुए। इसको धन्यवाद के तौर पर रजवाडे का नाम सिगारिया ऐसे रखा गया। सिगिरिया इस शब्द का अर्थ सिग्रही शब्द मतलब पत्थर का शेर।

रेखीव आकर्षक कलाकृती 



सिगिरिया पुराणी दिवार काशिपा के कार्यकाल में तकरीबन पूरी तरह दिवारी चित्रों से भरी पड़ी थी। दिवारी चित्र में नग्न स्त्री, राजा कश्यप की बीवियां या धार्मिक रिवाज करनेवाले के रूप चित्रित किये गए हैं।

दिवारी चित्र में दर्शायी गयी स्त्री की पहचान अज्ञात होते हुए भी, यह अद्वितीय प्राचीन चित्र स्त्री के सुंदरता का जश्न मना रहा है इसके लिए ऐतिहासिक महत्व है। सिगिरिया के सबसे आकर्षक वैशिष्ट्य में से एक मिरर की दिवार !  उस वक्त वह इतनी सुशोभित थी कि राजा उसमे अपनी परछाई देख सकता था। सिगिरिया में आनेवाले उस समय के मेहमानों द्वारा लिखी गये शिलालेख और कविताओ से मिरर की दिवार सजी हैं। 8 वी शताब्दी के सबसे  प्राचीन शिलालेख दिनांकित हैं। ये शिलालेख साबित कर रहे हैं कि, हजारो साल पहले सिगिरिया पर्यटन स्थल था|  आज भी दीवारों पर लगे छायाचित्र उतने ही स्पष्ट है।

सर्जनशील तंत्रज्ञान का इस्तेमाल


सिगिरिया की इमारते और बागीचे देखकर अभूतपूर्व वास्तुकला के निर्माताओं ने अद्वितीय सर्जनशील तांत्रिक कौशल्य और तंत्रज्ञान का इस्तेमाल किया है ऐसा स्पष्ट रूप से दीखता हैं।
आजूबाजू के परिसर से तकरीबन 200 मीटर उचाई पर स्थित बड़े पत्थर पर ऐसे वास्तुकला और अभियांत्रिकी कला जरूरी हैं। सिगिरिया के बागीचे दुनिया के सबसे पुरानी बागायतो में से  है।

प्राचीन शहरी नियोजन उत्कृष्ठ उदाहरणों में से एक के रूप में महल और गढ़ी संकुल पहचाने जाते हैं। सिगिरिया के अद्वितीयता के बारे में सोचे तो यूनेस्को ने 1982 में ये जगह जागतिक वारसा के रूप घोषित किया। सिगिरिया शहरी नियोजन जल अभियांत्रिकी,बागकाम और कला इनका नमुनेदार मिश्रण है।





किले का इतिहास



पुरातत्व विभाग की और से संशोधन में साबित हो चूका है कि सिगिरिया और आसपास के प्रदेश 4000 सालो से जीवित है ।इसा पूर्व 3 री शताब्दी से सिगिरिया का मठ के रूप में इस्तेमाल किया गया और 8 वी शताब्दी के बाद वह रजवाड़े में रूपांतरीत हुआ।

राजमहाल और सिगिरिया के किले का बांधकाम और प्रारंभिक इतिहास दो शाही बंधू कश्यप और मगगल्लाना इनके संबंध अनेक दुखद घटनाओं से जुड़े गये हैं। राजा कश्यप (477-495इसा) इन्होंने अनधिकृत तरीके से सिंहासन लिया। उस वजह से मगगल्लानने अपना दूसरा वारस आक्रमक नही यह सुनिश्चित कर  बचाव हेतु एक ऊचे पहाड़ पर राजमहाल का निर्माण किया। वो महल याने सिगिरिया। उस वक्त सबसे प्रगत तंत्रज्ञान का इस्तेमाल करके बनाया गया और रंगतदार फ्रेस्कोससे अधिक मात्रा में सजावट की। अपने भाई के सैन्य द्वारा युद्ध में कश्यप का वध होने के बाद राजधानी को अनुराधापूरा यहा स्थानांतरित किया गया।मगगल्लाने अपने भाई के रजवाड़े को नष्ट किया और सिगिरिया फिर से बौद्ध मठ बना।तकरीबन एक हजार साल बाद-14 वी शताब्दी में वह बौद्ध भिक्षुक ने भी छोड़ा।

1831 में यूरोपीय लोगो को भूल से सिगिरिया की खोज लगी।जोनाथन फ़ोर्ब्स-ब्रिटिश सेनापुरुष ने वह मध्य श्रीलंका के पोलोनारुवाला जाते समय यह किला उसके रास्ते पर दिखा था। इस साईट ने इतिहासकार और पुरातत्व विभाग का ध्यान अपनी और आकर्षित किया।आर्किऑलॉजिस्ट ने 5 वी शताब्दी का किला, रॉयल पैलेस, गार्डन्स,बागीचे और कॉम्प्लेक्स के पश्चिमी दिवार पर 1500 साल भित्तीचित्रो की खोज लगायी थीं। अब ये किला श्रीलंका का सबसे अधिक पर्यटक भेट देनेवाला स्थल बना हैं।