लौहपुरुष भी हार गये थे बाबासाहब के सामने,जानिए कैसे? : बाबासाहाब और सरदार पटेल - HUMAN

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Thursday, 1 November 2018

लौहपुरुष भी हार गये थे बाबासाहब के सामने,जानिए कैसे? : बाबासाहाब और सरदार पटेल

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31 अक्टूबर याने कल लोहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। उनकी याद में दुनिया के सबसे बडे पुतले का लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। लेकिन इनको भी बाबासाहब के सामने/उनके ज्ञान, काबिलियत के सामने झुकना पड़ा था।

सरदार वल्लभभाई पटेल ने तो जाहिर तौर पर बता दिया था, की "किसी भी हाल में डॉ. अंबेडकर घटना समिति में नही आयेंगे, इसकी पूरी तैयारी हमने करके रखी है।"

इसपर जवाब देते हुए अत्यंत दुखद स्वर में बाबासाहब जी ने कहा था,..."मेरे लिए घटना समिति के दरवाज़े, खिड़कियां बंद की गई| उम्मीद कि एक भी किरण मेरे सामने नही थी|''

लेकिन हार मानेंगे वो बाबासाहब ही क्या?...

डॉ.बाबासाहब अंबेडकर जी का घटना समितिपर जाने का संकल्प दृढ़ था। बंगाल प्रांत के जोगेंद्रनाथ मंडल इनके सहयोग से 20 जुलाई 1946 को बाबासाहब ना सिर्फ जीते बल्की कॉग्रेस के नेता शरदचंद्र बोस इनसे भी सबसे अधिक मतो पर उन्होने जीत हासील कि | छे काँग्रेस के नेताओ ने अपने पक्ष की परवाह न करते हुए बाबासाहब को मतदान  किया था। बाबासाहब के जित से देश के गरीब पिछडो, अनुसूचित जन जातियों में ख़ुशी की लहर फैली।कलकता में बड़ा जुलुस निकाला गया। बाबासाहब के इस नेत्रदीपक विजय के वजह से संविधान सभा में पिछडो का प्रतिनिधित्व करनेवाला अत्यंत योग्य, समर्थ, निर्भय और चरित्रवान महामानव पहुचने के वजह से सबको ख़ुशी और गर्व महसूस हुवा।


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सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था,..

"मैंने संविधान सभा के दरवाजे, खिड़किया ही नही तो सभी झरोखे भी बंद किये हैं, देखता हूँ वहा डॉ. अंबेडकर कैसे प्रवेश करते हैं तो|'' बाबासाहब की इस जीत से लोहपुरुष की ये भीष्मप्रतिज्ञा पराभूत हुयी और जब बाबासाहब को ड्राफ्टिंग कमिटी का अध्यक्ष पद प्रदान किया गया तब एक कॉंग्रेसी नेता ने सरदार पटेल के पास नाराजी जाहिर की करते हुए कहा,"आपने गांधीविरोधी, कॉंग्रेसी विरोधी डॉ. अंबेडकर को घटना के मसूदा समिति का अध्यक्ष पद कैसे दे दिया?" तब सरदार पटेल ने कहा,"आपको संविधान की क्या समज हैं? हमे डॉ. अंबेडकर के अलावा इस योग्यता का कोई और मिला ही नहीं। इसकारण हमे उनको अध्यक्ष पद देने के अलावा कोई और चारा ही नहीं था। इस तरह लोह पुरुष को भी  पराभूत करनेवाले डॉ.बाबासाहब आंबेडकर ।

जय भिम🙏