सामान्य सी दिखने वाली कौन है ये दबंग लेडी ? जाणिये इनके बारे में - HUMAN

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Monday, 19 November 2018

सामान्य सी दिखने वाली कौन है ये दबंग लेडी ? जाणिये इनके बारे में




 एक सिधी सी  सामान्य दिखने वाली कौन है ये दबंग लेडी ?  ये कोई हाऊस वाईफ या इलेक्शन में खड़ी कोई उमीद्वार नही। विशाल प्रतिभा से संपन्न  इस महिला का नाम हैं टेसी थॉमस। एक ऐसा नाम जो आपने कभी नही सुना होगा। शायद आगे भी आप कभी नही सुनेंगे। क्योंकि देश का  मीडिया ऐसे लोगो पर कभी फोकस नही करता। उसके लिए क्रिकेटर या फिल्मस्टार चाहिये उनको।

मिसाइल वुमन


डॉक्टर अब्दुल कलाम इनको हम "मिसाइलमन" के रूप में पहचानते हैं। तो अपने देश के हजारों शास्त्रज्ञ टेसी थॉमस को "मिसाइल वुमन" के रूप में पहचानते हैं। टेसी थॉमस "इस्रो '' में डिफेन्स रिसर्च अंड डेवलपमेंट ऑर्गनायाजेशन में कार्यरत है | अपने तीव्र बुद्धिमता के दम पर दो हजार वैग्यानिको में मुख्य पद पर विराजमान वह एक महान वैज्ञानिक .... जिनके नेतृत्व के नीचे देश ने बिते कुछ सालो में ''अग्नी '' इस मिसाइल की दूरी चार हजार से पाच हजार तक सफल तरीके से प्रयोग कर देश के दुश्मनों के मन में ख़ौफ़ पैदा किया और देश को अधिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इनके इस विशाल ऐसे कर्तुत्व को  सलाम।

*बचपन ,शिक्षा 


केरल में एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी टेसी का नाम टेसी रखा गया वो मदर तेरेसा को आदर्श मानने वाले उनके माता पिता के वजह से। बचपन से ही नजदीक से उचे आकाश मे उड़ते मिसाइल , उपग्रह को देख इस विषयक जिज्ञासा इनके मन मे पैदा हुई। पढाई मे तेज होने के वजह से आयपीएस अधिकारी बनना उसका सपना था। लेकिन उसने चुना अंतरिक्ष संशोधन संस्था को। पुणे में रहकर उन्होंने एम. टेक की पदवी ली। उसके अंदर छुपी विशाल प्रतिभा को पहचानकर डॉक्टर अब्दुल जे. कलाम ने उसका समावेश अग्नी प्रोजेक्ट में किया। और खुद की प्रतिभा पर वे सीधी अग्नी मिसाईल 5 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर जा पहुची। तब उन्होंने एक इतिहास ही रचा था। तब से उसकी पहचान "अग्निपुत्री " के रूप मे होने लगी।




*पारिवारिक जिम्मेदारी 

आज 49 साल की उम्र पार कर चुकी  टेसी थॉमस एक आदर्श गृहिणी भी हैं । करिअर और परिवार ऐसी कसरत उन्हें रोज करनी पड़ती हैं। 24 घन्टे में से किसी भी समय काम पर जाना पड़ सकता हैं इसके बावजूद भी खुद के हाथ का बना खाना अपने परिवार को परोसने के ख़ुशी का लाभ वो लेती हैं। देश को अधिक सुरक्षित करने के लिए अधिकाधिक लंबे पल्ले की मिसाइल विकसित करने की नई नई कल्पनाओ को साकार करते वक्त उन्हें ये सब जागतिक शांती के लिए ही कर रहे हैं इसका बखूबी ध्यान रहता हैं। बदकिस्मती से अपने देश ने उन्हें कभी भी पद्मश्री या पद्मभूषण ख़िताब से नही नवाजा, ये अपने देश का दुर्भाग्य ।

टेसी थॉमस की ये कहानी देश के करोड़ो औरतो के लिए प्रेरक हैं। और आज भी महिलाओं को पानी कम समझने वाले फेसबुक वासी महावीरों के मुह पर तमाचा है। आज इस्रो मे 1200 महिला वैज्ञानिक कर्यरत हैं।जो कि बडे हि फक्र कि बात है | देश की करोड़ो औरतो को प्रेरक,मार्गदर्शक ऐसा व्यक्तित्व टेसी थोमस | इनका ये कर्तुत्व औरतो को हर क्षेत्र में उची उड़ान लेने को प्रेरित करेगी । .....बेशक....!