विद्यार्थियो ने राजकारण से दूर रहणा चाहिये : ऐसा बाबासाहाब ने क्यो कहा था?(विद्यार्थी दिवस) - HUMAN

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Wednesday, 7 November 2018

विद्यार्थियो ने राजकारण से दूर रहणा चाहिये : ऐसा बाबासाहाब ने क्यो कहा था?(विद्यार्थी दिवस)

विद्यार्थियो ने प्रत्यक्ष रूप से राजकारण में नही आणा चाहिये - डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर 


पुणे में ४/१०/१९४५ बाबासाहाब आंबेडकर जी का स्पीच ....

''अब विद्यार्थीयो  को मेरा (बाबासाहाब) का ऐसा कहना है कि उन्होने विद्यार्थी  रूप में होते हुये प्रत्यक्ष राजकारण में सहभागी नही होणा  चाहिये | क्योंकी उस वजह से शायद अपना भविष्य बर्बाद भी होता है | लेकीन मेरी उपरी बात को (आज के संदर्भ मे एखाद) चुनाव के वक्त थोडासा दूर करके अपवाद के रूप में हिस्सा लेणे के लिये मेरी मनाई नही | ''

ऐसा मत बाबासाहाब का विद्यार्थीयो के ली था | आज विद्यार्थियो का जो आंदोलन चल रहा है | हैदराबाद  में रोहित वेमुला कि आत्महत्या के वजह से और दिल्ली के JNU कम्युनिस्ट विचारधारा के विद्यार्थी कन्हैया इस कारण आंबेडकरी बौद्ध  इस मामले में ज्यादा जागृत होकर प्रत्यक्ष राजकारण में ज्यादा हिस्सा ले रहे है | इन लोगो को अनेक राजकीय पक्ष अपने फायदे के लिये मोहरा बना रहे है | हैदराबाद में आंदोलन करणे वाले ३६ विद्यार्थी और दो शिक्षको पर सरकार ने क्रिमिनल केस लगायी है| वे ज्यादातर लोग उच्च शिक्षा लेणे वाले थे और गरीब थे | अब उनके भविष्य को लेकर सवाल खडा हूआ है | 





आंबेडकरी विद्यार्थीयो कि दिशाभूल बडे पैमाने पर रही है | आज कि राजनीती बडी ही निम्न स्तर पर पहुच चुकी है | नेता लोग अपने स्वार्थ के लिये किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते है| इस वजह से विद्यार्थीयो ने राजकारण का हिस्सा बन अपनी शिक्षा बर्बाद करणी है, या अच्छी शिक्षा लेकर अपना भविष्य पहले सिक्युर बनाने की और ध्यान देणा है ये फैसला उनका उन्होने करणा है | क्योंकी इन सब बातो में विद्यार्थियो का हि नुकसान होणे वाला है | इस वजह से बाबासाहाब कहते है कि विद्यार्थीयो ने प्रत्यक्ष रूप में राजकारण में हिस्सा नही लेना चाहिये | क्योंकी इस वजह से शायद उनके  फ्युचर का भी नुकसान हो सकता है|