रामदास आठवले को एक समारोह के दौरान थप्पड़ मारनेवाला युवा प्रविण गोसावी कौन है? जाणिये - HUMAN

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Monday, 10 December 2018

रामदास आठवले को एक समारोह के दौरान थप्पड़ मारनेवाला युवा प्रविण गोसावी कौन है? जाणिये

 



कोण हैं ये प्रविण गोसावी


केंद्रीय समाज मंत्री रामदास आठवले इन्हें 8 दिसंबर 2018 को एक समारोह के दौरान थप्पड़ मारनेवाला युवा प्रविण गोसावी आरपीआय युवक आघाडी का कार्यकर्ता था। बाद में वो आरपीआय से निकल गया।

प्रविन का जनम 26 सितंबर 1989 को हुआ। मूल गांव ईजा तालुका, जिला कारंजा, वाशिम (विदर्भ)महाराष्ट्र का रहनेवाला। फ़िलहाल अंबरनाथ पूर्व जिला थाना का रहनेवाला। उसका गोसावी कंस्ट्रक्शन अँड इंफ्रास्ट्रक्चर का बिजनेस हैं। 1 जुलाई 2018 को शादी हुयी उसकी।

वह एक लेखक और अंबेडकरी आंदोलन में कार्यरत एक सक्रिय कार्यकर्ता हैं।अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला। सिर्फ फेसबुक पर नही तो प्रत्यक्ष रूप से रास्ते पर उतरकर लडणे में यकीन रखनेवाला ...!
 ''समाज हितैषी होणे के नाते भाजपा से निकटवर्ती संबधित पक्ष आरपीआय छोड़ रहा हु''.. ऐसा कहकर आरपीआय से बाहर निकला | क्योंकि कोई भी सच्चा भीमसैनिक,समाजचिन्तक ऐसे मनुवादी पक्ष से जुड़े हुए पक्ष से दूर ही रहेगा। प्रविण इतना क्रोधित हुआ की उसने अंबरनाथ (महाराष्ट्र ) के एक कार्यालय में केंद्रीय समाज मंत्री रामदास आठवले को पिटा।

फेसबुक पर की हुयी अपनी एक पोस्ट में वो कहता हैं "रामदास आठवले के पक्ष में काम करनेवाले मेरे कई दोस्त है... लेकिन दोस्तों मेरा गुस्सा आप पर नही रामदास आठवले पर है। क्रिपया समझ लो। ये पोस्ट प्रविण ने 22 एप्रिल 2018 को फेसबुक पे डाली थीं।

आठवले क्यों चुप्पी साधे थे ?

दिल्ली में संविधान जलाया गया तब आठवले चुप थे। भीमा कोरेगांव मामले में आठवले चुप थे। इन मामलो में आठवले क्यों चुप्पी साधे थे ? प्रविण के कई दोस्तों ने आरपीआई छोड़ा। सनातन कट्टर हिंदुत्ववादी संघटनो पर बंदी साथ ही कार्यवाही करने हेतु "अपना सरकार" इस सरकारी वेबसाइट पर मांग की थीं।प्रवीण को 30 अक्तूबर 2017को  पुलिस द्वारा "समजपत्र '' भेजा गया था |



लड़ते हुए अगर मौत भी आ जाये तो भी बेहतर ... ऐसी सोच रखने वाला युवा क्या सच में कुछ गलत करेगा ? या रामदास आठवले जैसा नेता समाज के लिये अच्छा काम कर रहा हैं? इसके बारे सोशल मीडिया यूजर्स ने सोचना चाहिए |

बाबासाहब की सोच से बेईमानी करने वालो से ऐसी मारपीट पहली बार की गयी ? इससे पहले भी ऐसे कार्य हुये है | जब दलितों पर गांव गांव में अत्याचार बढ़ रहा था, तब दलित नेता कमाल की चुप्पी साधे थे | तब पैंथर द्वारा तमाम  ऐसे कार्यकर्ताओ पर बंदी डाली  गयी थीं और इस बंदी को हटाने की कोशिश करणेवाले रा. सु. गवई को भी थप्पड़ तब के पैंथर के कार्यकर्ता ने लगाई थीं। ठीक ऐसे ही तत्कालीन न्यायमंत्री दादासाहब रूपवते की गाड़ी फोड़ कर ऐसा प्रसाद दिया गया था।रमाबाई नगर में रामदास आठवले को ऐसा ही कुछ अनुभव आया था।

कार्यकर्ता ओ को ऐसा कुछ क्यों करना पड़ता हैं?

प्रविण गोसावी अम्बेडकर मिशन से जुड़ा हुआ एक समर्पित कार्यकर्ता हैं। RTI कार्यकर्ता के नाते उसने अंबरनाथ नगर पालिका के भ्रष्टाचार की भी पोल खोल दी थीं।

दूसरी तरफ सत्ता के लालची नेता दलाल क्यों बनते हैं? क्यों समाज को बेच खाते हैं? बीजेपी दलित विरोधी ,संविधान विरोधी कृत्य रोज ही कर रहा हैं फिर एक अंबेडकरी नेता का ऐसी पार्टी को समर्थन करना क्या उचित हैं? रोहित वेमुला आत्महत्या के बाद संसद में हास्य विनोद वाली कविता करना कितना समर्थनिय है? मुंबई में जब एल्गार मोर्चा निकला था,सभी अंबेडकरी पक्षो ने समर्थन किया था,उसमें हिस्सा लिया था तब आठवले ने विरोध कर समर्थन नही किया।

इस युवा के सहनशक्ति का ये अंत तो नही? अगर आठवले का समाजकार्य में योगदान हैं तो समाज ने उसे दिया भी बहुत कुछ हैं,आमदार, खासदार से लेकर राज्य में मंत्री पद से केंद्र में मंत्रिपद तक पहुचे। फिर उनका भी फर्ज बनता हैं समाज से प्रामाणिक रहना।
महाराष्ट्रीय युवा अब आक्रमक दिख रहे हैं और उनके आक्रमक व्रुत्ती के सामने अब दलाली को जगह नही।

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