जब मैने घर में बाबासाहाब की फोटो लगायी .... - HUMAN

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Saturday, 15 December 2018

जब मैने घर में बाबासाहाब की फोटो लगायी ....



सैराट फिल्म के निर्माता, दिग्दर्शक नागराज मंजुले | जिन्होने  अनेक सामाजिक विषयो पर फिल्मो का निर्माण किया है | डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर जी उनके आदर्श है | वे कहते है बाबासाहाब कें विचारो से हि मेरे जीवन में परिवर्तन आया और उन्ही से मिली प्रेरणा की वजह से मै अपने जीवन में कामयाब इन्सान बन सका |

नागराज मंजुले....

बाबासाहाब को पढने के बाद खुद का पता चला | खुद के अस्तित्व को पहचान सका | बाबासाहाब द्वारा लिखित साहित्य ने मै दलित हु और उस में भी वडार जाती से हु इसको जान सका | फिर बाबासाहब जी के बारे में बहुत ज्यादा आदर मन में निर्माण हुआ | फिर मैने खुद के घर में बाबासाहाब की एक सुंदर तस्वीर लगायी | ये बात मेरे पिताजी को पसंद ना आई, उन्होने  कहा इस महार कि तस्वीर घर में क्यो लगायी ? लोग क्या कहेंगे ? निकाल दो इस तस्वीर को जल्दी से ...! मैने उनसे कहा मै तो इस फोटो को नही निकालने वाला, लेकीन अगर आपने निकाला तो मै आपके इन सभी देवी देवताओ को पाणी में बहा दुंगा | इन देवी देवताओ ने आपको जो नही दिया और दे नही सकते ऐसी सभी बाते डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर ने अपने समाज को दि है |