जब भाऊराव बोरकर ने बाबासाहब से कहा ''जो मेरी पार्टी कहेगी वो करुँगा'' इसपर बाबासाहब क्या कहते है? जाणिये - HUMAN

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Wednesday, 19 December 2018

जब भाऊराव बोरकर ने बाबासाहब से कहा ''जो मेरी पार्टी कहेगी वो करुँगा'' इसपर बाबासाहब क्या कहते है? जाणिये



1952  में प्रथम चुनाव में जब बाबासाहब अम्बेडकर चुनाव हारे थे और एक दूसरा अछूत बोरकर चुनाव जीते तब बोरकर बाबासाहब अम्बेडकर से मिलने गये। तो उन्होंने बाबासाहब अम्बेडकर से मुस्कुराते हुए कहा कि साहब आज मैं चुनाव जीता हूँ, मुझे वास्तव में बहुत ही खुशी हो रही है!
तब बाबासाहब अम्बेडकर ने कहा कि तुम जीत तो गये तो अब क्या करोगे और तुम्हारा कार्य क्या होगा ? तब बोरकर ने कहा कि मैं क्या करुंगा जो मेरी पार्टी कहेगी वो करुँगा।
तब बाबासाहब अम्बेडकर ने पूछा कि तुम सामान्य सीट से चुनाव जीते हो ? तो बोरकर ने कहा कि नहीं मैं सुरक्षित सीट से चुनाव जीता हूँ जो आपकी मेहरबानी से संविधान में दिये गये आपके अधिकार के तहत ही जीता हूँ।





*बाबासाहब अम्बेडकर ने बोरकर को चाय पिलायी ! बोरकर के जाने के बाद बाबासाहब हंस रहे थे तब नानकचन्द रत्तू ने पूछा कि साहब आप क्यों हंस रहे हो? तब बाबासाहब अम्बेडकर ने कहा कि बोरकर अपने समाज का नेतृत्व और प्रतिनिधित्व करने के बजाय पार्टी के हरिजन बन गये हैं। आज कल हमारे समाज के सांसद, विधायक अपने समाज का प्रतिनिधित्व करने के बजाय  पार्टियों के हरिजन नेता बन कर ही रह गये हैं। यह बात बाबासाहब अम्बेडकर ने 1952 में ही कही थी...