भीमा - कोरेगाव मामले का मुख्य आरोपी मिलिंद एकबोटे का विवादित बयान : समाज में फिर से अशांती फैलाने की कोशिश - HUMAN

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Monday, 3 December 2018

भीमा - कोरेगाव मामले का मुख्य आरोपी मिलिंद एकबोटे का विवादित बयान : समाज में फिर से अशांती फैलाने की कोशिश

human बाबासाहाब आंबेडकर




फिर से विवादित बयान 


भीमा - कोरेगाव मामले का मुख्य आरोपी मिलिंद एकबोटे ने फिर से विवादित बयान देकर आंबेडकरी जनता कि भावना पर आघात कर जान - बुझकर समाज में असंतोष पैदा करणे की कोशिश कि है | कल एक समारंभ में उसने यह बयान दिया कि, १ जनवरी को भीमा - कोरेगाव में स्थित विजय स्तंभ को मानवंदना देणे कि शुरवात बाबासाहब अंबेडकर ने नही बल्की 'अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान' ने  कि थी | हाजी मस्तान ये ७० के दशक के एक राजकीय पक्ष का अध्यक्ष था और उसने इसकी शुरवात की थी | इससे संबधित एक प्रतिज्ञापत्र उसने कोर्ट में पेश किया है लेकीन इससे जुडा हुआ किसी भी प्रकार का संबधित संदर्भ इस प्रतिज्ञापत्र में नही दिया है |

इस तरह का विवादित बयान देकर एकबोटे ने फिरसे समाज में अशांती फैलाने की जान बुझकर कोशिश की है ऐसा कहा जा सकता है | एक महिने के अंतराल पर ही अभी भीमा - कोरेगाव शौर्य  दिन है | इस समय पर ऐसा विवादित बयान देकर सामाजिक वातावरण दूषित करणे की कोशिश कि जा रही है | ऐसा आरोप राष्ट्रवादी सामाजिक न्याय विभाग के अध्यक्ष श्री. प्रकाश मनोहर वाघमारे इन्होने किया है | ऐसे जातीवादी, मनुवादी लोगो सरकार ने वक्त रहने लगाम लगाने कि जरुरत है | फिर एक बार दोनो समाज के लोगो में असंतोष पैदा करने का काम यह संस्था कर रही है इसपर बंदी लानी चाहिये ऐसी मांग इन्होने इस वक्त कि है |