दंगे और नफरत की जमीन कैसे तैयार होती है : इसे रोकने का उपाय क्या है.. - HUMAN

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Tuesday, 4 December 2018

दंगे और नफरत की जमीन कैसे तैयार होती है : इसे रोकने का उपाय क्या है..




सीन नं. 1...

बुलंदशहर जिले के स्याना में किसी शख्स को एक खेत में किसी जानवर का मांस दिखता है। इसके बाद अफवाह फैलती है कि गोकशी की गई है। फौरन लोग जमा हो जाते हैं और आरोप लगाए जाते हैं कि यहां अवैध बूचड़खाना चल रहा है। उत्तेजक नारेबाजी के बाद भाषण और उसके बाद स्याना पुलिस चौकी पर पथराव...भीड़ को समझाने की कोशिश कर रहे एसएचओ सुबोध सिंह को गोली मार दी जाती है या भीड़ उनकी हत्या कर देती है। यह सोमवार की घटना है। यह बहुत अच्छी बात है कि स्याना के मुसलमानों ने सयानापन दिखाया और वे किसी उत्तेजना में नहीं आए। उपद्रवियों की भीड़ चाहती थी कि आप घरों से निकलें और दंगे की फसल काटी जा सके।

सीन नं. 2...

कांग्रेस के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का विडियो सांप्रदायिक चैनल ‘जी न्यूज’ पर चलाया जाता है, जिसके बारे में बताया जाता है कि सिद्धू की सभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। इस विडियो को भाजपा अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्वीट करने लगती है और फिर उसके नेता और मंत्री रीट्वीट करने लगते हैं। विडियो वायरल हो जाता है लेकिन फिर खबर आती है कि विडियो तो फर्जी है। ऐसा कोई नारा नहीं लगा है। जी न्यूज शर्मिंदा होकर बिना माफी मांगे उस विडियो को हटा देता है।...जेएनयू से लेकर दो हजार रुपये के नोट में चिप तलाशने वाले जी न्यूज की विश्वसनीयता जीरो होने के बावजूद भाजपा नेता इस चैनल की खबरों पर इसलिए विश्वास कर रहे हैं ताकि नफरत का बाजार गर्म किया जा सके।



सीन नं. 3...

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक मेस के बारे में अफवाह फैलाई जाती है कि वहां एक हॉस्टल के मेस में शाकाहारी छात्रों को मीट के तेल में पूड़ियां तल कर खिलाई गईं। वह मीट चिकन था। यह शिकायत वहां के प्रॉक्टर को मिलती है, वह छात्रों से अफवाह के बारे में पूछते हैं तो छात्र कहते हैं कि उन्हें गनेशी लाल नामक छात्र ने ऐसा बताया था। गनेशी लाल से पूछने पर पता चलता है कि उसने ऐसा सुना था।...बहरहाल, यूनिवर्सिटी के बाहर खबर फैलती है कि इससे वहां तनाव फैल गया है। लेकिन अंदर कुछ नहीं होता। एएमयू को लेकर परेशान रहने वाले बाहरी तत्व फौरन सक्रिय हो जाते हैं...

क्या किया जाए...

ये ताजा घटनाएं थीं...इसलिए इनका उल्लेख किया गया।...खबरें रोजाना आ रही हैं...ये खबरें किसी विस्फोटक से ज्यादा खतरनाक हैं।...सारा दारोमदार आप लोगों पर है कि आप किसी उत्तेजना में आए बिना इन खबरों पर विश्वास नहीं करें। याद रखिए आप एक पेशेवर उपभोक्ता की तरह ऐसे प्रोडक्ट्स से पेश आएं जो आपके हित में नहीं है। इन चैनलों को देखना ही बन्द कीजिये और नफरत, साम्प्रदायिक पोस्ट को, लाईक, कमेंट और शेयर मत कीजिये, आपका बहिष्कार ऐसे मौलवियों, बाबाओं और नेताओं की चूलें हिला देगा।...आप कोशिश तो करें...छोटे शहरों से इसकी शुरुआत फौरन होनी चाहिए।