जब एक पत्रकार ने बाबासाहाब से पुछा : आप पृथक निर्वाचन की मांग करके क्या साबित करना चाहते हैं? - HUMAN

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Friday, 7 December 2018

जब एक पत्रकार ने बाबासाहाब से पुछा : आप पृथक निर्वाचन की मांग करके क्या साबित करना चाहते हैं?

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बाबा साहेब डॉक्टर अम्बेडकर से जब एक पत्रकार द्वारा पूछा गया कि आप पृथक निर्वाचन की मांग करके क्या साबित करना चाहते हैं? क्या इस तरह से यह हिंदुओं में आपसी बंटवारा नही हो जाएगा जैसा कि गांधी जी भी कह रहे हैं? तब डॉ अम्बेडकर जी ने कहा कि यदि सब हिन्दू मिलकर एकसाथ वोट देने से एक नही हो सकते तो अलग अलग वोट देने से अलग कैसे हो जाएंगे? यह अलगाव का मामला नही प्रतिनिधित्व का मामला है और यदि हमारे लोगों के पास भी मुस्लिमों, सिखों, ईसाइयों की भांति अलग राजनीतिक अधिकार होंगे तो वहां हमारे लोगों के लिए भी नीतियां बनेगी। हमारे लोगों को भी पूछा जाएगा उनका भी मान सम्मान बढ़ेगा न कि अलगाव बढ़ेगा।

आज बाबा साहेब की उस बात का असर धीरे धीरे पूरे देश मे दिख रहा है। यह चित्र उत्तराखण्ड की विधानसभा के अंदर का है ....



जहां पहली बार बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ और विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री सहित सभी विधायक भी उपस्थित रहे। इस आयोजन के कर्णधार थे झबरेड़ा के विधायक श्री देशराज कर्णवाल जी। इसीलिए हमें प्रतिनिधित्व के महत्व को समझना है यह केवल राजनीतिक मुददा या लॉलीपॉप नही बल्कि सामाजिक आवश्यकता है। क्योंकि भारत विभिन्नताओं का देश है यहां दूसरों के हितों की बात करने वाले बहुत कम है इसलिए सभी के हितों के लिए सभी को अवसर जरूरी है। खासकर जो उस समाज की बात कर सके न कि रबड़ स्टैम्प बनकर मुहं ताकता रहे।