कादर खान के जिंदगी कि ये दिल को दहला देणे वाली सच्चाई : जाणिये ..RIP - HUMAN

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Wednesday, 2 January 2019

कादर खान के जिंदगी कि ये दिल को दहला देणे वाली सच्चाई : जाणिये ..RIP

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अफगानिस्तान में स्थित काबुल पास के गांव में उस माँ के 3 बच्चों की मौत हो गयी । जब 4 थी संतान हुयी तब उसने पती से कहा यहा के हालात कुछ ठिक नही, हम ये देश छोड़कर चले जायेंगे। पती, पत्नी और वो बच्चा पाकिस्तान के राह से गुजरते हुए भारत आये। मुंबई के झोपड़ पट्टी एरिया में जहा शराबी, चोर, बदफैली, दिन दहाड़े देह व्यापार, लूटमार, खून- खराबा ऐसे माहौल में ये परिवार जैसे तैसे गुजारा कर रहा था। ऐसे माहौल में पती-पत्नी के बीच लड़ाई होने लगी। परिणाम दोनों के बीच तलाक हो गया। इस छोटे बच्चे के मन पर इन हालातों का क्या असर हो रहा होगा जरा सोचिए। एक युवा पठानी औरत का ऐसी मैली बस्ती में अकेला रहना मुश्किल था।

पाकिस्तान से उसकी माँ - और भाई आया और उसका दूसरा ब्याह करा दिया। उस बदकिस्मत बच्चे ने माँ की दूसरी शादी देखी। लेकिन किस्मत का लिखा उससे भी बदतर था। उस छोटे बच्चे का सौतेला बाप कुछ भी ना कमाता ! उस छोटे बच्चे को वो अपने पहले पिता से पैसे मांगने भेजता। वो छोटा बच्चा कामाठीपुरेसे 3 km पीता के पास चलके जाता, एक दो रुपये की भीख मांगता। उसके पीता कहते,"बेटा मैं पैसे कहा से दू, मैं खुद मस्जिद में पेशेमाम हु"। लेकिन कही से भी वो दो रुपये उधार लेकर उस बच्चे को वापस भेजते। उन दो रुपये से आटा, दाल खरीद कर हफ्ते में 3 दिन खाना और 4 दिन भूखा रहना। इस मुश्किल की घड़ी को दूर करने हेतु उस बच्चे ने काम करना तय किया।




घर से बाहर अपने बच्चे को निकलते देख उस माँ ने अपने बेटे को समझाते हुए कहा, "मैं जानती हूं ,तू कहा जा रहा है, तू तीन चार रूपये कमाने जा रहा हैं,ताकी घर की गरीबी ना रहे, तेरे घर में मुफलिसी ना रहे,भूख ना रहे, लेकिन बेटा इस गरीबी से टकराने के लिए मैं हु, तू एक काम कर तू सिर्फ पढ़"। माँ की वो बात उस बच्चे ने ध्यान में रखी और डिग्री तक की पढाई पूरी की। किस्मत में आयी अनगिनत मुश्किलों से उस बच्चे को जिंदगी का मतलब पता चला। आसपास की लोगो को देख वो बच्चा लिखने लगा, नकल  करने लगा। दिन भर जो भी समझ में आया उसे कागज पर उतारकर घर के पास की कब्रस्तान में जाकर जोर से पढ़ने लगा।


एक दिन रात में ऐसे ही उस बच्चे के चेहरे पर किसी ने टॉर्च घुमाई,उसे बुलाते हुए पूछा,"तुम क्या करते?"लड़के ने कहा मैं ये खुद लिखता हूं और यहा पढ़ते बैठता हूँ।" सामने वाले शख्स ने पूछा ड्रामा में काम करते हो क्या?" लड़के ने पूछा "ड्रामा मतलब?" उस शख्स ने उस लड़के को बंगले पर बुलाया और 200 रूपये दिये और आशीर्वाद दिया, "की इस 200 के कल 2 लाख,दो करोड़ होगे" और हुआ भी ऐसा ही ! जिस बच्चे के किस्मत का अंधेरा, बदन के रोम रोम खड़े कर देता हैं, बदकिस्मती हमे झिंझोर देती हैं। बदकिस्मती, लाचारी का ऐसा जीना हमने शायद ही कई और देखा हो, सुना हो। लेकिन ये संघर्ष करते हुए, किस्मत को झुकाते हुए वो आगे बढ़ा। अपने माँ का दुख वो लिखता गया। उसी सच्चाई से ये लेखक बनता गया,उसी संवादो ने उसे एक महान अभिनेता बनाया... वो थे कादरखान साहब ..👍
उनका जीना ही उनकी प्रेरणा थीं।
भावपूर्ण श्रद्धाजंली💐💐💐
#RIPKadarKhan#LegendaryActor

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